शुक्रवार, 27 जून 2025

कलयुग

      

         कलयुग


धधक-धधक अब धधक रहल बा
चिंगारी अब भड़क रहल बा 
लोगन मे अब फुटल गुस्सा
अब त जान हर तड़प रहल बा 


कही आवाज़ अउर कही धुलाई
धरती पे अब लालीमा छाईल
जान प्यारा ह सबके भाई
फिर कहे बा गुस्सा आईल


कही ना बा कवनो लेखा जोखा 
भाई के ना भाई होता 
कोख भी अब बेचल जाता 
ई जग मे काहे अइसन होता


केहू चोरावे बेटा-बेटी 
केहू सेकेला मौत के रोटी
हर घर मे अब दुख भर आईल
कईसन बडका कलयुग आईल ।


एके सुने ला निचे लिंक पे जाई ।

https://youtu.be/cWm6w1yYvS4?si=AoKotKgjqNJ0eley



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