रविवार, 22 जून 2025

🏫 स्कूल 🏫

      



  🏫 स्कूल 🏫
ज्ञान के अंगना में आवऽ,   
फिरु से हम पलि बढी    
कहीं हिम्मत, कहीं बेहिम्मत    
मिल के हम इतिहास गढी     
कबो सर जी के आहट से.     
चारों ओर सननाहट से         
ज्ञान से अजोर करी.        
आवऽ फिर हम जोर करी.     
कबो कबड्डी, कबो कलास     
कबो झगडे के प्रयास      
हर बात में रूठा रुठी      
नादानी में सब कुछ छुटी     
एक साथ में खाना खाई      
संघे-संघे मिल सब गाना गाई    
मस्ती में सवाल बनाई     
हल्ला हुरदंग खूब मचाई।    
आवऽ फिरु स्कूल जाई
सबुह सबुह हम जल्दी जागी
माई के अचरा से हम भागी
बाबुजी से पइसा मांगी
खाना ले हम घर से भागी
रास्ता में हुरदंगु मचाई
आम चोरा, अमरूद पे जाई
बुढ़िया के हम खुब चिढ़ाई
सुन्दर सुन्दर गाली पाई
घर पे ओरहन रोज भेजवाई
आवऽ हम स्कूल जाई
ना कवनो डर, ना भय सताई
विज्ञान गणित खूब रचाई
फिर भी हमेशा जीरो आई
बाबुजी से खुब थुराई
माई के अचरा में छुप जाई
आवऽ हम स्कूल जाई

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