बुधवार, 28 मई 2025

इच्छा

      इच्छा

अगर नींद से सुततानी

सुख चैन अउर आराम तले

ओके एके गो कारण बा

सीमा पे जवान खड़े

नींद भूख सब मारेला

अउर केतना अपमान सही ?

माई माटी के उहे बेटा

हम बानी बेकार कहीं

फूल अच्छत हम वरसईती

अगर सडक से उ जाईत

हमहू सेवा करती माटी के

जे एक बार मौका मिल जाईत ।

               उदय शंकर " प्रसाद "

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