शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024

🙋सब के फुलईले चलऽ 🙋

               

                            


🙋सब के फुलईले चल चलऽ 🙋

सब के फुलईले चलऽ
धुल खुशी के उडईले चलऽ
कब, कहवा, कईसे रात हो जाई
जब ,जईसे ,जहवा जे मिले
प्यार् के भेट ओके बढईले चलऽ

का टिस, का रिस,
का खिस, का विस
दिल सगरो के जित
ना केहु के कबो दबईले चलऽ
प्यार् के ढिबरी जलईले चलऽ 


कोई टिप्पणी नहीं: