शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024

👴बुढ़ के फरियाद👴

 

                           



👴बुढ़ के फरियाद👴


मंदिर गईनी , मसजिद गईनी , कईनि सगरो इयारी
उहा केहू ना सुनलक त, अईनी रउआ दूआरी


उम्र हमर ढल गइल बा, पाच गो भईली नारी
बाकी एगो बच गईल बिया, बिया उ कुआरी


बेटा हमर दुगो बा लोग, निकलल लोग फिरारी
भइल बीयाह जब से तब से बस गईल लोग ससुरारी


बेचता लोग हमर अरजल, ना देम त उ लोग मारी
कईसे करी बियाह बेटी के, अईनी राउर दुआरी


काट लेम हम आपन जिंदगी, भले बन भिखारी
मर जायेम त के देखी, बिया मासुम अउर प्यारी


आईल बानी आश लेके, जज साहेब बाटे बिपदा भारी
बेटी अभी कुआर बिया, कुछ त पुडीया मारी।

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