हम
हम इहवा धूल बानी धूल निहर घूम लेम
आज इहवा काल उहवा झूम सकी तऽ झूम लेम
का मालुम आज दिन बा काल सूरज डूब जाई
जे मिली राह चलते हाथ ओके चूम लेम
ना घमंड ना जलन ना केहू के किरकिराएम
जे मिली जहवा मिली बस थोड़ा सा मुस्कुराएम
हो सकी सहयोग तऽ सहयोग थोड़ा कर पाएम
अउर ना तऽ सर झुकाएम अउर आगे बढ़ जाएम
ना कुछु के आश रहे ना कुछु के प्यास बा
मन हमर बा हर्फ़न मौला ना हमर कुछ खास बा
एक पल के जिंदगी मे मुस्कुराई अउर मुस्कुराई
पीठ पे जाई अगर तऽ याद आई बस याद आई ।
उदय शंकर प्रसाद
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