शनिवार, 3 जनवरी 2026

हम

                   हम

हम इहवा धूल बानी धूल निहर घूम लेम
आज इहवा काल उहवा झूम सकी तऽ झूम लेम     
का मालुम आज दिन बा काल सूरज डूब जाई
जे मिली राह चलते हाथ ओके चूम लेम

ना घमंड ना जलन ना केहू के किरकिराएम
जे मिली जहवा मिली बस थोड़ा सा मुस्कुराएम
हो सकी सहयोग तऽ सहयोग थोड़ा कर पाएम
अउर ना तऽ सर झुकाएम अउर आगे बढ़ जाएम

ना कुछु के आश रहे ना कुछु के प्यास बा
मन हमर बा हर्फ़न मौला ना हमर कुछ खास बा
एक पल के जिंदगी मे मुस्कुराई अउर मुस्कुराई
पीठ पे जाई अगर तऽ याद आई बस याद आई ।

                  उदय शंकर प्रसाद 



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