शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

लाचार

                    लाचार

बहुत मेहनत से उ एगो घर बन इले होई
पसीना जोड़ जोड़ एगो इंट सजईले होई
मगर बेहाया बेशरम समय ओके बा
तुड़े वाला ना जाने केतना दिल जलइले होइ


सालो के मेहनत मटिया मेट भइल होई
फूलन के बगिया तनी मे उजरल होई
केहू दरद पूछे ओके त खाली पूछले भर होइ
का गुजरल होइ ओ पे ना समझल होई कोई


मगर लाचार वेवस केसे कहे कहवा जाई
ना थाना ना पुलिस अउ र नाही केहू भी आई
बड़ी जालिम ई दुनिया फायदा देखी बतियाई
सही ईमानदार हमेशा पिसाईल बा पिसाई


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