शनिवार, 12 जुलाई 2025

हे प्रभु

 हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
सब कुछ पावे के जे हमरा
लागल बा जे दिल पे चोट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
दे सक त तु द 
प्रेम अउ र आराधना
कर सकी हम पूजा अउर प्रार्थना
ना रहे मन मे कवनो दुख अउ र खोट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
जग  जनता हम जानतानी
सब बेकार् बा तोहरा सिवा ई मानतानी
फिर काहे मन घोटाता 
सब कुछ पावे ला खुन के घोट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
द तु हम पे ए ताना पहरा
छोड़ दी सब कुछ पे तोहरा
अउ र ले सकी तोहरा गोद मे ओट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
मन के गति बा सबसे तेज
कईसे करी एसे परहेज
करे के चाहतानी तोहसे भेट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
तु बन हमार संघाती
हम बनी दिया अउर तु बन बाती
बस मन के तु ल पोट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ





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