रविवार, 27 जुलाई 2025

"रोपया"

  

     

       "रोपया"

रोपया के ना कवनो जात
जे के ज्यादा उहे बाप
उहे दादा उहे भाई
चाहे हो कइसनो कमाई


रोपया से समान मिलेला
जीत धरम अउर शान मिलेला
रोपया से सब कुछ खरीदाला
कोट कचहरी अउर न्याय बबकाला
रोपया में बा अ्इसन बात
रोपया के ना कवनो जात


रोपया से ही राज भइल बा
रोपया से ही काज भइल बा
रोपया पे ही टिकल बा सांस
रोपया नाही त छुटे साथ
रोपया हटे सबके नाथ
रोपया के ना कवनो जात


रोपया से जिंदगी रोपाला
कुर्सी,सता अउर साज भेटाला
रोपया से बा सुख,चैन,आराम
आदमी नाही रोपया के होला नाम ।

शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

लाचार

                    लाचार

बहुत मेहनत से उ एगो घर बन इले होई
पसीना जोड़ जोड़ एगो इंट सजईले होई
मगर बेहाया बेशरम समय ओके बा
तुड़े वाला ना जाने केतना दिल जलइले होइ


सालो के मेहनत मटिया मेट भइल होई
फूलन के बगिया तनी मे उजरल होई
केहू दरद पूछे ओके त खाली पूछले भर होइ
का गुजरल होइ ओ पे ना समझल होई कोई


मगर लाचार वेवस केसे कहे कहवा जाई
ना थाना ना पुलिस अउ र नाही केहू भी आई
बड़ी जालिम ई दुनिया फायदा देखी बतियाई
सही ईमानदार हमेशा पिसाईल बा पिसाई


शनिवार, 12 जुलाई 2025

हे प्रभु

 हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
सब कुछ पावे के जे हमरा
लागल बा जे दिल पे चोट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
दे सक त तु द 
प्रेम अउ र आराधना
कर सकी हम पूजा अउर प्रार्थना
ना रहे मन मे कवनो दुख अउ र खोट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
जग  जनता हम जानतानी
सब बेकार् बा तोहरा सिवा ई मानतानी
फिर काहे मन घोटाता 
सब कुछ पावे ला खुन के घोट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
द तु हम पे ए ताना पहरा
छोड़ दी सब कुछ पे तोहरा
अउ र ले सकी तोहरा गोद मे ओट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
मन के गति बा सबसे तेज
कईसे करी एसे परहेज
करे के चाहतानी तोहसे भेट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ
तु बन हमार संघाती
हम बनी दिया अउर तु बन बाती
बस मन के तु ल पोट
हे प्रभु
हे प्रभु मीटा द मन के लोभ





शुक्रवार, 4 जुलाई 2025

मजबूर

 

           मजबूर


खुन के छिट्टा पडल, अउर पागल हो ग‌इल
ना कवनो जुर्म क‌इलक, कवन दुनिया में
खो ग‌इल
 
जब तक उ रहे दिवाना, शान अउर पहचान
के
सब केहू घुमत रहे, लेके ओके हाथ पे
 
आज समय अ्इसन आइल बा, लोग फेंके ढेला
तान के
कहां ग‌इल मानवता, सभे हंसे जोर से
ठान के
 
सब केहू कहेला ओके, पागल भ‌इल बा
जान से
रख जवाना देखें अपना के, ओके
जगह पे ध्यान से
 
मिल जाई सबुत जे दरद के, ओके
स्थिति जान के
छोड़ दी मारल ताना, ओके आपन मान के