शनिवार, 24 मई 2025

सुखी जिनगी जिये के मंतर

     

 

      सुखी जिनगी जिये के मंतर

 

चीनी बिना मलाई नाही 

दूध जइसन दवाई नाही

तेल से जे करेला मालिश

बीमारी ओके सताये नाही 


उठक बइठक जे के आये

मेहनत हर दम जेके भाये

टेंसन के जे हरदम टरकाये

ओके नाही भय सताये


हरिहर साग, हरिहर सब्जी

नाहि मांस, बिना मर्जी

उल्टा पुल्टा जे भी खाये

बिन समय उ बैध बोलाये 


खाली पेट जे पियेला पानी

समय से सुते समय के जानी

नाही करे जे देह से छेड़ खानी

उहे बाटे राजा अउर उहे बिया रानी

       

              उदय शंकर प्रसाद

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