सोमवार, 4 अगस्त 2025

राज

                     राज 

राज तबे राज रहेला 
जब राज छुपा के रख सकल जाए
काज तबे काज रहेला 
जब परिणाम ओके मिल् जाए
ई करे के कला जेमे उदय हो गइल
चिर के पहाड़ नाया इतिहास 
उहे लिख सकेला
छोट नाहीं छोट केहु फौलाद जइसन दिल चाही
सोच सोच से परे होए बुनियाद ओक मजबूत चाही
का गिराई केहू  ओके जेके खुदा ना गिरावे 
ना उखाड़े तूफान जेके दुब जइसन दिल चाही ।